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माँ तेरी ममता है बड़ी अनूठी,
राम को वनवास भेज, गद्दी भरत को दी
हर रूप में माता तेरी ममता है अनूठी,
जानकी बन कर, अग्नि परीक्षा भी देदी,
आ जाए समझ में तो लीला तेरी कैसी,
अंजुली भरके भिक्षा, तूने रावण को भी दी
हर रूप में माता तू है पुजनीय,
केकैई बन के तूने रावण की विनाशलीला रच दी।

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