ह्रदय से निकला भजन हरि चरणों में अर्पित करता हूँ।
श्याम प्रभू नाम तेरा है सखा मेरा,

तू ही माता, तू ही पिता है मेरा,
मेरे ह्रदय में, हरि अलक जगा के,

प्रेम सूत्र से, हरी नाम पिरोया,
श्याम प्रभू नाम तेरा है सखा मेरा,
जो कुछ जानू, जो मै पहचानू

सब कुछ तेरा, न कुछ मेरा
मेरी आँखें मूंदे निहारे,

शयम छवि, ह्रदय बसेरा,
श्याम प्रभू नाम तेरा, है सखा मेरा,
जो ह्रदय न जाने, नाम प्रभु का,

अंधकार मै का, अहंकार बसा है,
दीप जलाकर, नाम प्रभू का,

कर ले प्राणी तू उज्यारा,
श्याम प्रभू नाम तेरा, है सखा मेरा,
छोड प्रभू के, नाम का फेरा,

तू ने पहना, क्यों मै का सेहरा,
नाम प्रभु का, कंठ लगा के,

तोड़ प्राणी सुख दुख का घेरा,
श्याम प्रभू नाम तेरा है सखा मेरा।
कृष्ण कृपा से,

लेखकः

अजित कुमार वर्मा।

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